गुरुवार, ७ फरवरी २००८

दोस्ती



दोस्ती अच्छी हो तो रंग लाती है,

दोस्ती गहरी हो तो सबको भाती है,

दोस्ती नादाँ हो तो टूट जाती है,

पर अगर दोस्ती अपने जैसी हो........ तो इतिहास बनाती है !


ज़िंदगी नहीं हमें दोस्तों से प्यारी,

दोस्तों पे हाजिर है जान हमारी,

आंखों में हमारी आँसू है तो क्या,

जान से भी प्यारी है मुस्कान तुम्हारी !


दोस्ती तो सिर्फ एक इत्तेफाक है,

यह तो दिलों की मुलाक़ात है,

दोस्ती नही देखती यह दिन है की रात है,

इसमे तो सिर्फ वफादारी और जजबात है !


जजबात-ए-इश्क नाकाम ना होने देंगे,

दिल की दुनिया में कभी शाम ना होने देंगे,

दोस्ती का हर इल्जाम अपने सर पर ले लेंगे,

पर दोस्त हम तुम्हे बदनाम न होने देंगे !


रातें गुमनाम होती है,

दिन किसीके नाम होता है,

हम ज़िंदगी कुछ इस तरह जीते है,

की हर लम्हा दोस्तों के नाम होता है !


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